➤ मणिमहेश यात्रा पर गए हरियाणा के 56 वर्षीय श्रद्धालु की डल झील में मौत
➤ चार दोस्तों के साथ हेलिकॉप्टर से गौरीकुंड पहुंचे थे मनमोहन लाल, रात को अचानक बिगड़ी तबीयत
➤ सांस लेने में तकलीफ के बाद उपचार के लिए ले जाने से पहले मौत, प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने की आशंका
हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में मणिमहेश यात्रा के दौरान एक श्रद्धालु की मौत हो गई। हरियाणा से चार दोस्तों के साथ मणिमहेश यात्रा पर पहुंचे 56 वर्षीय मनमोहन लाल की डल झील में अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद मौत हो गई। वह सोमवार शाम को अपने साथियों के साथ भरमौर से हेलिकॉप्टर के जरिए गौरीकुंड पहुंचे थे। यहां से पांचों दोस्तों ने पैदल डल झील की ओर यात्रा शुरू की थी।
मृतक की पहचान मनमोहन लाल (56) पुत्र शयो राम, निवासी गांव फतेहगढ़, डाकघर चटवाड़ा, उपतहसील सहजादपुर, अंबाला, हरियाणा के रूप में हुई है। यात्रा के दौरान रात में कैलाश पर्वत के दर्शन करने के बाद सभी दोस्त सोने के लिए टेंट में चले गए। इसी दौरान मनमोहन लाल की अचानक सांस फूलने लगी और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी।
टेंट में अचानक बिगड़ी तबीयत, उपचार के लिए ले जाने से पहले मौत
जानकारी के अनुसार, सोमवार शाम को हेलिकॉप्टर से गौरीकुंड पहुंचने के बाद मनमोहन लाल अपने चार दोस्तों के साथ पैदल डल झील पहुंचे। रात में कैलाश पर्वत के दर्शन करने के बाद सभी ने टेंट में आराम करने की तैयारी की।
टेंट में पहुंचने के बाद अचानक मनमोहन लाल की तबीयत बिगड़ गई। उन्हें सांस लेने में तकलीफ और सांस फूलने की शिकायत हुई। साथ गए दोस्तों ने उन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य शिविर तक ले जाने की तैयारी की, लेकिन इससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
अचानक हुई इस घटना से साथ यात्रा कर रहे दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। मणिमहेश यात्रा पर आए श्रद्धालु की मौत की सूचना संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिसके बाद शव को नीचे लाने की प्रक्रिया शुरू की गई।
मंगलवार को एडीआरएफ की टीम ने शव भरमौर पहुंचाया
घटना के बाद मंगलवार को एडीआरएफ की टीम ने शव को भरमौर पहुंचाया। इसके बाद पुलिस ने नागरिक अस्पताल में शव का पोस्टमार्टम करवाया।
पुलिस ने घटना की जानकारी मृतक के परिजनों को फोन के माध्यम से दी। परिजनों ने साथ यात्रा पर गए दोस्तों को ही शव सौंपने की बात कही। इसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी करवाकर शव उनके साथ गए दोस्तों को सौंप दिया।
इस घटना के बाद यात्रा पर आए अन्य श्रद्धालुओं में भी शोक का माहौल रहा।
पहले से पड़े थे स्टंट, प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने की आशंका
पुलिस अधीक्षक विजय सकलानी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में श्रद्धालु की मौत हृदय गति रुकने से होने की आशंका है। उन्होंने बताया कि मनमोहन लाल को पहले से स्टंट पड़े थे और डल झील में पहुंचने के बाद अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकना मौत का संभावित कारण माना जा रहा है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कर शव साथ आए दोस्तों को सौंप दिया गया है।
पांच दोस्तों के साथ शुरू की थी मणिमहेश यात्रा
मनमोहन लाल चार दोस्तों के साथ मणिमहेश यात्रा के लिए निकले थे। पांचों सोमवार शाम को भरमौर पहुंचे और वहां से हेलिकॉप्टर के जरिए गौरीकुंड गए। गौरीकुंड से उन्होंने पैदल डल झील तक का सफर तय किया।
यात्रा के दौरान कैलाश पर्वत के दर्शन के बाद रात में टेंट में आराम करने पहुंचे, लेकिन कुछ ही देर बाद मनमोहन लाल की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें उपचार के लिए स्वास्थ्य शिविर तक पहुंचाने की कोशिश की जाती, उससे पहले ही उनकी मौत हो गई।
मंगलवार को एडीआरएफ की टीम ने शव को भरमौर पहुंचाया। नागरिक अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद पुलिस ने शव उनके साथ आए दोस्तों को सौंप दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में हृदय गति रुकने की आशंका जताई गई है।



